सुमेरपुर(पाली)। राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने अपना 62वां जन्मदिन इस वर्ष भी सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकारों को समर्पित करते हुए अत्यंत सादगी एवं गरिमामय वातावरण में मनाया। उन्होंने अपने जन्मदिवस को उत्सव के स्थान पर जनकल्याण, मानव सेवा एवं गौ सेवा का माध्यम बनाया, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है। कुमावत ने अपने निज आवास पर पूजा-अर्चना के पश्चात शहर के भैरू चौक स्थित भैंरूजी मंदिर में धोक लगाई। यहां पर भाजपा कार्यकर्ताओं व शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर व मिठाई खिलाकर कुमावत ने जन्मदिवस की बधाई दी। इसके बाद शिव मंदिर में पहुंचकर उन्होंने महादेव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजन किया। महादेव का वंदन कर श्री कुमावत ने गौ-माता को चारा खिलाकर निराश्रित गौवंश के लिए एक ट्रॉली चारा भेंट किया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने श्रीराम गौशाला, कोलीवाड़ा पहुंचकर गौमाता की पूजा-अर्चना कर चारा एवं गुड़ खिलाया। उन्होंने गौशाला को भेंट स्वरूप अपने वजन के बराबर 86 किलो गुड़ व एक ट्रॉली हरा चारा दिया। गौशाला परिसर में पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने कुमावत का जोरदार स्वागत किया। कोलीवाड़ा से रवाना होकर कुमावत आवास पर पहुंचे जहां उन्हें शुभकामनाएँ देने और उनसे मिलने के लिए पर ताँता लगा रहा। सभी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई प्रेषित कर उनके कार्यकाल में संगठन व सरकार में किए हुए कार्यों को याद करते हुए उनके सुख-समृद्धि,स्वास्थ सहित दीर्घायु की मंगल कामना की। अपने निज आवास, सुमेरपुर में उन्होंने विधानसभा क्षेत्र से पहुंचे हजारों कार्यकर्ताओं, समर्थकों व शुभचिंतकों से बधाईयां स्वीकार की। उन्होंने शुभचिंतकों को मिठाई खिलाकर उनका भी आभार जताया। साथ ही शुभचिंतकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। कुमावत ने इसी दौरान अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ केक काटकर सेलिब्रेशन किया। उन्होंने परिवार के साथ बैठकर ना सिर्फ खाना खाया बल्कि ढेर सारी बातें कर अपने इस खास दिन को और भी स्पेशल बनाया। अपराह्न 4 बजे कुमावत अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए।
गोपालन मंत्री के सम्मान में प्रदेशभर में हुए अनेक आयोजन
कैबिनेट मंत्री कुमावत के जन्मदिन के अवसर पर कार्यकर्ताओं सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएँ दी। साथ हीं उनके शुभचिंतकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर पूजा अर्चना, हवन,स्वच्छता, गौ सेवा आदि कार्य कर उनके लंबी उमर की प्रार्थना की। प्रदेश की सभी पंजीकृत और अपंजीकृत गौशालाओं में पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आज एक दिवसीय पशु चिकित्सा और बांझपन निवारण शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने अपने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया। चिकित्सकों ने गौवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार करने के साथ साथ औषधियों का वितरण किया। शिविरों में बांझपन से प्रभावित गौवंशों की जांच कर उन्हें उपचार और कृत्रिम गर्भाधान संबंधी सेवाएं तथा उचित परामर्श भी उपलब्ध करवाया गया।







