सुमेरपुर(पाली)। कोलीवाडा मोडेला स्थित मोमोजी मंदिर की पहाड़ी पर शनिवार को अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती गई और पूरी पहाड़ी को अपनी चपेट में लेने लगी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना सबसे पहले वन विभाग को दी गई, लेकिन क्षेत्र को अपनी रेंज से बाहर बताते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। बताया जा रहा है कि पहाड़ी का एक हिस्सा बाली और दूसरा सुमेरपुर क्षेत्र में आता है, जिससे जिम्मेदारी को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। इसके बाद योग शिक्षक ललित मेघवाल ने तत्काल अग्निशमन विभाग पाली (101) पर सूचना दी। वहां से शिवगंज अग्निशमन विभाग का संपर्क नंबर दिया गया। हालांकि, महज 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में दमकल वाहन को करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया। तब तक आग और भी विकराल हो चुकी थी।

वाहन में संदीप, नरेंद्र कुमार और राजवीर सहित तीन कार्मिक मौजूद थे। ललित मेघवाल के अनुसार, मौके पर पहुंचने के बाद अग्निशमन दल ने स्थिति का जायजा लिया, लेकिन यह कहकर लौट गया कि आग अपने आप बुझ जाएगी। उन्होंने बताया कि उस समय भी झाड़ियों से धुआं उठ रहा था और वन्य जीवों को खतरा बना हुआ था, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई।कुछ देर बाद फिर से धुआं उठने लगा, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू पाया जाता, तो पर्यावरण और वन्य जीवों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता था।ग्रामीणों ने अग्निशमन कार्मिकों के रवैये पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई की बात करने पर उन्होंने खुद को ठेका कार्मिक बताते हुए गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिया।
इधर, ललित मेघवाल ने राज्य मंत्री ओटाराम देवासी से संपर्क कर मामले में शामिल तीनों कार्मिकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और लोगों में नाराजगी बनी हुई है।







