पुलिस-एफएसओ की संयुक्त कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; केमिकल मिलाकर तैयार हो रहा था ‘देशी घी’, 60 लीटर स्टॉक जब्त
सुमेरपुर (पाली)। साण्डेराव थाना पुलिस ने मिलावटी देशी घी के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। घर में अवैध रूप से नकली घी बनाने की ‘मिनी फैक्ट्री’ संचालित की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर उसी घी को डेयरी के माध्यम से असली बताकर बाजार में खपाया जा रहा था। पुलिस ने दोनों ठिकानों पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी मात्रा में मिलावटी घी व उपकरण जब्त किए हैं।
थानाधिकारी श्यामराजसिंह ने बताया कि 28 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि सिन्दरू राजकीय विद्यालय के पीछे स्थित एक मकान व प्लॉट में अवैध रूप से मिलावटी देशी घी तैयार किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चैनसिंह महेचा के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी जितेन्द्रसिंह आरपीएस के सुपरविजन में विशेष टीम का गठन किया गया।
भट्टी पर पक रहा था ‘नकली घी’
पुलिस टीम ने जब मौके पर दबिश दी तो आरोपी प्रकाश (22) निवासी छीनावड़ा कला मौके पर ही पाल्म ऑयल में केमिकल मिलाकर उसे भट्टी पर गर्म करते हुए नकली देशी घी तैयार करता मिला। वहां बड़े-बड़े ड्रमों में तैयार घी का स्टॉक भी रखा हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस घी को असली घी की तरह पैक कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।
मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकार
(एफएसओ) पाली को बुलाया गया, जिन्होंने टीम के साथ मिलकर घी के सैंपल लिए और जांच के लिए सुरक्षित किए। पुलिस ने गैस भट्टी, कड़ाही, गैस टंकी, ड्रम सहित अन्य उपकरण जब्त कर लिए।
डेयरी बना था सप्लाई सेंटर
कार्रवाई के दौरान ही पुलिस को दूसरी सूचना मिली कि साण्डेराव कस्बे में बालाजी डेयरी पर यही मिलावटी घी असली बताकर बेचा जा रहा है। इस पर पुलिस टीम ने डेयरी पर छापा मारा। यहां संचालक पेमाराम (55) निवासी छीनावड़ा कला ग्राहकों को धोखे में रखकर नकली घी बेचता मिला। डेयरी से करीब 60 लीटर मिलावटी घी बरामद किया गया। एफएसओ टीम ने यहां भी सैंपल लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई से साफ हुआ कि नकली घी बनाने और बेचने का पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से चल रहा था।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस ने दोनों आरोपियों प्रकाश और पेमाराम को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 274, 275, 318 (3), 318 (4) सहित खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
टीमवर्क से मिली सफलता
इस कार्रवाई में साण्डेराव थाना पुलिस की विशेष टीम के साथ एफएसओ पाली की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आमजन की सतर्कता और समय पर मिली सूचना के कारण इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हो सका।
आमजन से अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि क्षेत्र में मिलावटी खाद्य पदार्थों, अवैध कारोबार या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी बिना डरे व्हाट्सएप नंबर 9251255006 पर साझा करें। सूचनाकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में ऐसे अवैध कारोबारों के खिलाफ और सख्त अभियान चलाए जाएंगे।




