साण्डेराव (पाली) । प्रजापिता ब्रह्मा के 57वीं पुण्यतिथि रविवार को ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा ‘विश्व शांति दिवस’ के रूप में मनाया गया, जिसमें साण्डेराव के सेवा केंद्रों पर ध्यान, योग और आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और विश्व शांति की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर राज योग सेवा केंद्र ब्रह्माकुमारी आश्रम साण्डेराव में विभिन्न कार्यक्रम हुए, जहाँ गणपतसिंह राठौड, गोपाल प्रजापत, महावीर मेवाड़ा, कन्या बहन, बदामी बहन, रानी बहन, संतोष राजपुरोहित, अंजली बहन, वरजु बहन पीस्ता बहन ने आध्यात्मिक साधना में भाग लिया। साण्डेराव ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र प्रभारी कंचन बहन ने कहा ब्रह्मा के जीवन त्याग और तपस्या से भरपूर था। जो हमारे समाज का उन्हें उत्थान कर रहा है। आज भी उनके पद चिन्ह पर लाखों लोग चलकर अपने जीवन को सुखमय बना रहे है। ब्रह्मा इस कलयुग की संसार में परिवर्तन ऐसी कड़ी थी जिनके बल पर ही उन्हें इस भारत भूमि पर सतयुग की स्थापना का कार्य चल रहा है। ब्रह्मा का अलौकिक प्रेम पत्थर दिलों को भी पिघलाकर एक माला का मोती बना देता था। सभी को बुराइयों से मुक्त और दिव्या जीवन बनाने के लिए तैयार कर देता था। ऐसा अनोखा जीवन जीने की कला सिखलाने वाले थे ब्रह्मा। ब्रह्माकुमारी उमा बहन ने ब्रह्मा बाबा के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला।







