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35 वर्षों बाद श्री निंबेश्वर महादेव पशु मेले का सफल आयोजन को लेकर मंत्री जोराराम कुमावत का जताया आभार 

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सुमेरपुर(पाली)। उपखंड क्षेत्र के साण्डेराव में 35 वर्षों बाद आयोजित हुए श्री निंबेश्वर महादेव पशु मेले की सफलता पर मेला समिति व पशुपालकों ने आज रविवार को प्रवास पर सुमेरपुर पहुंचे पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत का जोरदार स्वागत कर उनका आभार जताया। कुमावत के निज आवास पर श्री निंबेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष जगत सिंह राणावत, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डा. मनोज पंवार, शंकर सिंह काकू, पन्नालाल माली, लालाराम देवासी सहित अश्व पालकों व पशुपालकों ने मंत्री को फूलमालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। साथ ही मेले की अपार सफलता को देखते हुए इसका आयोजन हर साल करवाने का भी आग्रह किया। इस पर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने मेले के सफल आयोजन पर विभाग के अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पशुपालन विभाग के लिए एक उपलब्धि से कम नहीं है क्योंकि पांच दिवसीय इस पशुपालन मेले में हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र व पंजाब से भी अश्वपालक व पशुपालक पहुंचे। करीब 60 हजार से भी अधिक पशुपालकों ने मेले में पशुओं की खरीद-फरोख्त के साथ-साथ विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में पुरस्कार जीते। कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार पशुधन को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चलाती है। इसी कड़ी में पशु मेले आयोजित करके पशुपालन विभाग ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों को लाभान्वित करने की कोशिश करता है। इसी कड़ी में उन्हें बहुत खुशी है कि पशुपालकों की पहले नागौर, पुष्कर और बालोतरा जाना पड़ता था जिससे उनका समय और आर्थिक बर्बादी होती थी, अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा में हर जिले में पशु मेला लगाने के तहत् पाली जिले में 35 वर्षों बाद यह मेला पुन: आयोजित हो सका। इसमें दूर दराज के गांवों से आए पशुपालक-किसानों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन के गुर सिखाए गए।

Jawai News live
Author: Jawai News live

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