साण्डेराव(पाली)। मनुष्य को जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाईयां आ जाएं तो भी उसे कभी झुठ नहीं बोलना चाहिए, क्योंकि झुठ ही सबसे बडा पाप है वे हरि ओम आश्रम रामनगर में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थें। संत मनसुख हिरापुरी महाराज ने बताया कि झुठ बोलने से अगर किसी की जान बच सकती है तो ऐसे वक्त में झुठ बोलने पर भगवान भी माफ कर देते है। संत ने कहा कि सती द्धारा राम की परीक्षा लेने पर भगवान शिव से एक झुठी बात कहीं जिससे शिव आक्रोषित हो गए तथा सती का त्याग कर दिया था। इससे मानव को सीख लेनी चाहिए की सदैव सत्य बोलना चाहिए इससे सदगति प्राप्त होती है। संत ने कहा कि सत्य ही भगवान का एक रूप है। जिससे मनुष्य आसानी से प्राप्त कर सकता है लेकिन आज के समय में व्यक्ति जगह-जगह पर झुठ बोलता जा रहा है। इसी कारण सत्यरूपी भगवान मनुष्य से दुर होता जा रहा है। इस दौरान दूर दराज से पहुंची महिला मण्डलियों की और से गणपति वंदना के बाद गुरू महिमा के साथ एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्ति मय बना दिया। उपस्थित श्रद्धालु भक्तों ने जैकारे लगाते हुए भजनों की प्रस्तुतियों पर झूम उठे।







