भाजपा पर बरसे मेवाड़ा, बोले – विकास नहीं, विनाश का मॉडल चला रही सरकार
सुमेरपुर(पाली)। अरावली बचाओ-देश बचाओ अभियान और मनरेगा का नाम बदलकर जीरामजी करने के विरोध में कांग्रेस की ओर से आज रविवार को भव्य पैदल मार्च निकालकर भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया गया। कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व प्रधान हरिशंकर मेवाड़ा के नेतृत्व में बलाना से दुजाना तक करीब 6 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी नसंख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण और मजदूर शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने अरावली संरक्षण और मनरेगा बचाने के समर्थन में नारे लगाए। मार्च के बाद दुजाना में आमसभा आयोजित कर समापन किया गया। इस माैके पर बलाना ग्राम प्रशासक शंभुराम मीणा, युवा कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश राजपुरोहित, सेवादल प्रदेश उपाध्यक्ष माेहन हठेला,जयदेव सिंह राणावत, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष करण सिंह चाणौद, दुजाना प्रतिनिधि गुणराज मीणा, मूलसिंह बलाना, पूर्व पार्षद चतराराम मेघवाल, मानसिंह रामनगर, एनएसयूआई प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह जाखोड़ा, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव डूंगरदास वैष्णव,अचलाराम मेघवाल, नासिर खान,गोविन्द मेघवाल, कमलेश चौहान,जसवंत मेघवाल, लखन मीणा, ललित परिहार, सुरेश देवासी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बलाना रामदेवजी मंदिर परिसर में ग्रामीण एकत्रित हुए। जहां ग्राम प्रशासक शंभुराम मीणा की और से ढाेल-ढमाकाें के बीच पूर्व प्रधान व कांग्रेस प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा, जगदीश राजपुराेहित सहित अन्य पदाधिकारियाें का माला व साफा पहनाकर बहुमान किया गया। इसके बाद अरावली बचाओं-देश बचाओं के नाराें के साथ पैदल मार्च रवाना हुआ। स्टेट हाईवे से हाेते हुए बलाना टाेल हाेकर यह मार्च करीब डेढ घंटे में 6 किमी की दूरी तय कर दुजाना पहुंचा। जहां विश्राम स्थल पर आमसभा आयोजित हुई। सर्वप्रथम महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आमसभा को संबोधित करते हुए हरिशंकर मेवाड़ा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला सिर्फ राजस्थान ही ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि पूरे देश की जीवन रेखा है। जिसे षड्यंत्र पूर्वक अरावली खनन माफियाओं के हवाले कर खनन पट्टे आवंटित कर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पर्वतमाला भू-जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और वर्षा चक्र को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों के चलते इसका अस्तित्व भी अब खतरे में आ गया हैं। मेवाड़ा ने कहा कि सरकार विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश कर रही है, जिसका सीधा असर किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण आबादी पर पड़ रहा है।

नाम बदलकर इतिहास को मिटाने की राजनीति कर रही भाजपा- मेवाड़ा
मनरेगा को लेकर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को रोजगार और सम्मान दिया। भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर जीरामजी करना महात्मा गांधी की विचारधारा और गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार बढ़ाने के बजाय नाम बदलकर इतिहास को मिटाने की राजनीति कर रही है। मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल रहा, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रही है। मेवाड़ा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अरावली के संरक्षण और मनरेगा के मूल स्वरूप को बचाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अरावली क्षेत्र में खनन पर सख्त रोक नहीं लगाई और मनरेगा को कमजोर करने वाले फैसले वापस नहीं लिए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सभा के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। सभा काे कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष नेपालसिंह पावा, मनाेहर सिंह दुजाना, करणसिंह चाणाैद, प्रेमाराम देवासी, चतराराम मेघवाल आदि ने संबाेधित करते हुए इसे जनविरोधी सरकार बताते हुए कहा कि कांग्रेस गरीब, किसान, मजदूर और पर्यावरण के साथ खड़ी है। उन्हाेंने आमजन से अरावली बचाने व नरेगा काे बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।







