सुमेरपुर। संकल्प एचईडब्ल्यू के अंतर्गत थीम 10 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत आज सोमवार को संस्कार केन्द्र सैकेंडरी स्कूल सूरजपोल में बालिकाओं को लिंग संवेदीकरण पर जागरूक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जेंडर स्पेशलिस्ट राजनश्री ने बताया कि जिला प्रशासन एवं उपनिदेशक महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वाधान में संकल्प एचईडब्ल्यू के अन्तर्गत थीम ‘‘10 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान’’ के अंतर्गत आज सोमवार को संस्कार केन्द्र सेकेंडरी स्कूल सूरजपोल में बालिकाओं को लिंग संवेदीकरण का अर्थ लिंग आधारित पूर्वाग्रहों, रूढ़ियों, और भेदभाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना और व्यक्ति के विचारों और व्यवहार में बदलाव लाकर सभी लोगों के लिए समान अवसर, अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करना है। इसका लक्ष्य लैंगिक समानता को बढ़ावा देना, लैंगिक हिंसा को रोकना और कार्यस्थलों, स्कूलों और समुदायों में एक समावेशी और सुरक्षित वातावरण बनाना है। उन्होंने लिंग संवेदनशीलता लोगों को सिखाने और शिक्षित करने की एक प्रक्रिया है। इसका ध्यान लिंग भेद और उन समस्याओं पर है जिनका सामना लोग कर सकते हैं जेंडर संवेदनशीलता हमें इन भेदों को दूर करना और समझना सिखाती है। इसका उद्देश्य सभी के साथ निष्पक्ष व्यवहार करना है। सामाजिक निर्माण कैसे होता है और लिंग भूमिकाओं से जुड़ी रूढ़ियाँ क्या हैं। यह उन्हें यह पहचानने में मदद करता है कि लिंग भूमिकाओं और अंतरों के बारे में कौन सी धारणा वास्तव में सही है या यह एक रूढ़ि है। जब दोनों एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति महसूस करते हैं, तो इससे घर, कार्यस्थल और समाज में एक सकारात्मक और स्वीकार्य संस्कृति का निर्माण होता है। लिंग संवेदीकरण लैंगिक न्याय, समानता और समावेशिता में मदद करता है। यह महिलाओं में तनाव और चिंता को भी नियंत्रित करता है क्योंकि उनके साथ पुरुषों के समान व्यवहार किया जाता है और इसलिए अतिरिक्त समायोजन की आवश्यकता नहीं होती है। यह बदले में उनके आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास को प्रभावित नहीं करता है जिससे एक बेहतर आत्म-अवधारणा विकसित होती है। साथ ही विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में इंदुबाला, जगदीश मंत्री, विमला मंत्री, सीमा, दिलीप कुमार, मीनू, नाजिया, प्रवीण कुमार एवं 55 से 60 बच्चे उपस्थित रहे।







